महिलाओं में बाल झड़ने के कारण

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किसी भी महिला का शरीर अपने पूरे जीवन में कई तरह के बदलावों से होकर गुजरता है। और यही होने वाले बदलाव कभी-कभी बालों के झड़ने की समस्या को बढ़ा सकते हैं पर किसी भी समस्या के इलाज के लिए हमें सबसे पहले उसके मूल कारणों का पता लगाना जरूरी होगा ताकि उस समस्या का इलाज ढूंढा जा सके। महिलाओं में बाल झड़ने के कारण कई हो सके हैं पर आइए महिलाओं में बालों के झड़ने के 10 सबसे सामान्य से कारणों के बारे में चर्चा करते हैं –

1. बालों का खराब रखरखाव

महिलाओं में बाल झड़ने के कारण में एक प्रमुख कारण है बालोंका खराब रखरखाव। कई हेयर स्टाइलिंग टूल्स जैसे स्ट्रॉन्गर्स और कर्लिंग आयरन या बालों के कई तरह के प्रोडक्ट जैसे जैल, मूस, स्प्रे, कलर आदि का बहुत अधिक इस्तेमाल बालों के शाफ्ट को नुकसान पहुंचा सकता है और लंबे समय तक इन सब चीजों का उपयोग इसके विकास में बाधा भी डाल सकता है। टाइट पोनीटेल, गलत तरह की कंघी या बालों को अलग अलग करना ऐसी स्थितियों को और भी बढ़ा सकता है।

2. पीसीओएस

इस बीमारी में पुरुष हार्मोन या एण्ड्रोजन अधिक मात्रा में बनने शुरू हो जाते हैं और वे अंडाशय में लिक्विड की एक छोटी थैली बनाते हैं जिसे सिस्ट के नाम से जाना जाता है। यह व्यक्ति के शरीर में हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है जोकि व्यक्ति के बालों के विकास को भी नेगेटिव रूप में प्रभावित करता है। इसके कारणों कोई व्यक्ति अपने शरीर पर बालों का विकास अधिक देख सकता हैं पर यह सिर से बालों के झड़ने की समस्या को ट्रिगर कर सकता है। तो हम कह सकते हैं कि महिलाओं में बाल झड़ने के कारण में पीसीओएस भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

3. एनीमिया

महिलाओं में बाल झड़ने के कारण में एनीमिया भी एक प्रमुख भूमिका अदा करता है। एनीमिया किसी व्यक्ति के खाने में आयरन की कम मात्रा के कारण होता है। बहुत अधिक मासिक धर्म का होना या व्यक्ति के शरीर में पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड के नहीं होने के कारण कई महिलाएं एनीमिक हो सकती हैं। एनिमिक होने के परिणामस्वरूप हीमोग्लोबिन का बहुत कम उत्पादन होता है जिसका सीधा सा अर्थ होता है कि अब व्यक्ति के विभिन्न अंगों को बहुत कम ऑक्सीजन मिलेगा। जब ऑक्सीजन बालों के रोम तक नहीं पहुंचती है तो वे कमजोर हो जाते हैं और बेहद आसानी से टूटने लगते हैं। इसलिए हम कह सकते हैं कि आयरन की कमी के कारण भी बालों के झड़ने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।

4. रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज)

महिलाओं में बाल झड़ने के कारण में मेनोपॉज भी शामिल है। मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं और उन्हीं में से एक बदलाव है बालों का झड़ना। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है और अगर यदि सही से देखभाल न की जाए तो ये बालों को बहुत अधिक रूखा भी बना सकते हैं और साथ ही अधिक मात्रा में बालों के झड़ने का कारण भी बन सकते हैं। माइल्ड शैंपू का इस्तेमाल इसमें फायदेमंद हो सकता है।

5.डिलीवरी के बाद बालों का झडना

डिलीवरी होने के बाद कई महिलाओं के बाल झडने लगते हैं और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान हार्मोन एस्ट्रोजन बहुत अधिक मात्रा में बनने लगते हैं जिसके कारण से बाल बढ़ने लगते हैं पर लेकिन डिलीवरी के बाद हार्मोन अपने सामान्य रूप में वापस आ जाते हैं, जिसकी वजह से बाल झड़ सकते हैं। पर यह अस्थायी स्टेज होता है और कुछ हफ्तों के बाद अपने आप ठीक हो जाता है और बाल भी अपने सामान्य रूप में लौट आते हैं।

6. प्रोटीन की कमी

महिलाओं में बाल झड़ने के कारण में सबसे महत्त्वपूर्ण है शरीर में प्रोटीनकी कमी। हमारे शरीर के बाल केराटिन नाम के प्रोटीन से बने होते हैं। जब हम प्रोटीन मिलने वाले खाद्य पदार्थ नहीं खाते हैं तो इसकी वजह से हमारे शरीर के बाल कमज़ोर हो जाते है। कमज़ोर होने के कारण यह समय से पहले ही झड़ने लगते हैं।

7. दवाएं

कई बार दवाएं भी महिलाओं में बाल झड़ने के कारण बन जाती है। जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं तो उनके शरीर में बाल के झड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर वे इनका उपयोग बंद कर दें तो ये सामान्य स्तर पर भी आ सकते हैं। कई अन्य हार्मोनल गोलियों और इलाज के कारण भी बाल झड़ सकते हैं। कीमोथेरेपी सेशन से भी बाल झड़ने की सम्भावना बढ़ जाती हैं।

8. अत्यधिक वजन घटाने

क्रैश डाइटिंग की वजह से या अचानक बहुत जल्दी वजन कम करने से आपके बालों के विकास पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आमतौर पर ये आहार व्यक्ति के शरीर को कई पोषक तत्वों से वंचित करते हैं या कई खाद्य समूहों को खाने पर प्रतिबंध लगा देते हैं और फिर यही डाइटिंग महिलाओं में बाल झड़ने के कारण में शामिल हो जाता है।

9. कई बीमारियां जैसे थाइरोइड रोग, ऑटोइम्यून रोग

कई बीमारियां भी महिलाओं में बाल झड़ने के कारण बन जाती है। थायराइड ट्राईआयोडोथायरोनिन और थायरोक्सिन हार्मोन को बनाने के लिए जिम्मेदार है जोकि हमारे शरीर के विकास के लिए बहुत जरूरी है। जब भी कोई व्यक्ति हाइपो या हाइपरथायरायडिज्म से पीड़ित होता है तो इन हार्मोनों के बनने की गति बहुत ज्यादा या बहुत कम हो जाती है। किसी व्यक्ति के शरीर में होने वाले अलग अलग बदलावों के कारण बालों के झडने की समस्या बढ़ सकती है। किसी ऑटोइम्यून बीमारी में हमारा शरीर हमारी अपनी कोशिकाओं और टिश्यू के खिलाफ एंटीबॉडी बनाता है। वे बालों के साथ-साथ शरीर के अन्य अंगों पर भी हमला करते हैं जिसके कारण बाल झड़ने की समस्या बहुत अधिक हो जाती है।

10. पुरानी बीमारियां

मधुमेह या सोरायसिस जैसी कई पुरानी बिमारियां भी बालों के झड़ने के लिए जिम्मेदार होती हैं। शुगर शरीर की संपर्क करने की क्षमता को प्रभावित करता है। इसका मतलब यह है कि विभिन्न पोषक तत्वों और ऑक्सीजन की कम मात्रा के शरीर के सभी हिस्सों तक जाती है जिससे शरीर प्राभावित होता है। अगर शुगर स्कैल्प में खून अच्छे से नहीं पहुंचा रहा है तो बालों के रोम पर उसका गलत प्रभाव पड़ेगा जिसकी वजह से बाल झड़ने लगते हैं। सोरायसिस एक स्किन से जुडा हुआ रोग होता है जोकि स्कैल्प और बालों के रोम को अलग अलग तरह से प्रभावित करता है।
जब हर दिन 60-100 स्ट्रैंड्स झड़ने लगते है और यह संख्या धीरे धीरे बढ़ती है तो फिर नई समस्याएं हो सकती हैं। अगर आप इन सब बातों को नोटिस करते हैं, तो आप अपने बालों का इलाज जरूर करवाएं क्योंकि महिलाओं में बाल झड़ने के कारण से जितना जल्दी छुटकारा मिलेगा तो उतनी ही जल्दी बाल झड़ने की समस्या से छुटकारा मिलेगा।

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