गंजेपन के कारण

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गंजापन क्या है?

बालों के झड़ने या सिर पर बालों का न होना हो गंजापन कहलाता है। गंजापन के अलावा इसे एलोपेसिया भी कहा जाता हैं। देखा जाए तो गंजापन सबसे अधिक सिर उपरी हिस्से पर होता है जहां अधिकतर लोगों का ध्यान चला जाता है, लेकिन बाल जहां जहां उगता है गंजापन वहां कहीं पर भी हो सकता है। गंजापन क्या है जानने के बाद आप जरूर जानना चाहते होंगे कि गंजापन किसके कारण होता है ?

गंजेपन का क्या कारण है?

अब आपको बताते हैं कि गंजापन किसके कारण होता है ? बालों का झड़ना या हेयर फॉल कई कारणों से हो सकता है। पर गंजेपन के कारण में से कुछ निम्नलिखित है –

  • उम्र बढ़ने के कारण बालों का झडना
  • हार्मोन में बदलाव के कारण बालों का झडना
  • बालों के झड़ने के कारण होने वाली बीमारी (टेलोजेन एफ्लुवियम)
  • गंजेपन आनुवांशिक कारणों से भी हो सकता है।

बालों का झड़ना निम्न कारणों से नहीं होता है:

  • स्कैल्प में खराब सर्कुलेशन का होना
  • रूसी(डैंड्रफ) का होना
  • टोपी पहनने के कारण बालों का झडना

अब आप जान गए होंगे कि गंजेपन के कारण क्या है या गंजापन किसके कारण होता है। आम तौर पर बालों का झड़ना जितनी कम उम्र अर्थात जल्दी शुरू होता है यह उतना ही गंभीर होता जाता है।

गंजेपन के लक्षण क्या हैं?

गंजापन किसके कारण होता है? जानने के बाद आप गंजेपन के लक्षण जरुर जानना चाहेंगे। गंजापन कई तरह का होता है और और गंजेपन के कारण के साथ लक्षण भी अलग-अलग होते हैं। गंजेपन के प्रकार में देखें तो मेल पैटर्न हेयरफाल और फीमेल पैटर्न हेयरफाल होते हैं:

मेल पैटर्न हेयरफॉल

जब यह प्रश्न आता है कि गंजेपन किसके कारण होता है तो उसमें अधिकतर जवाब आता है पैटर्न हेयरफॉल के कारण। मेल पैटर्न हेयरफॉल सामान्य तौर पर आनुवांशिक कारणों के कारण होता है। हेयरफ़ाल की यह स्थिति किसी भी उम्र में शुरू हो सकती है। बालों का झड़ना अक्सर सामने की तरफ, कंधे की तरफ या सिर के ऊपरी हिस्से से शुरू हो जाता है। कई बार मेल पैटर्न हेयरफॉल सिर्फ और सिर्फ हेयरलाइन के कम होने तक सीमित हो जाती है। कभी कभी तो व्यक्ति अपने सभी बाल खो सकते हैं।

फीमेल पैटर्न हेयरफॉल

फीमेल पैटर्न हेयर फॉल बहुत अधिक लोगों को नहीं होता है पर कई महिलाएं इससे भी प्रभावित होती है। फीमेल पैटर्न हेयरफॉल, मेल पैटर्न हेयरफॉल से बहुत अलग होता हैं जिसमें बाल आम तौर पर पूरे सिर में बहुत अधिक पतले हो जाते हैं। फीमेल पैटर्न हेयर फॉल का आमतौर पर पहला लक्षण हेयरलाइन का भाग का चौड़ा होना दिख सकता है। अब आप इस प्रश्न का उत्तर जान चुके होंगे कि गंजेपन किसके कारण होता है।

बालों के झड़ने के अन्य कारण

एलोपेशिया एरियाटा

यह बालों के बहुत तेज झड़ने का कारण बनता है। इस बीमारी में बाल अचानक ही झड़ने लगते है और झड़ने की यह प्रक्रिया आमतौर पर बहुत छोटे पैच में होती होता है। बाल कई महीनों के बाद वापस भी उग सकते हैं। पर अगर शरीर के सभी बाल अचानक ही झड़ने लग जाते हैं, तो हो सकता है कि यह दोबारा न उगें। इस तरह से बालों के झड़ने का सटीक कारण अभी तक नहीं पता चला है। इस पर शोध करने वाले शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि इस प्रकार के बालों का झड़ना एक ऑटोइम्यून बीमारी के कारण होता है। एलोपेशिया एरियाटा में आमतौर पर बाल के झड़ने छोटे छोटे हिस्से में झड़ने लगते हैं। अगर स्कैल्प पर से पूरे बाल झड़ने लगते हैं तो इसे एलोपेसिया टोटलिस कहा जाता है। और अगर शरीर के सभी बाल झड़ जाते हैं, तो इसे एलोपेसिया युनिवर्सलिस कहा जाता है। डॉक्टर से यह प्रश्न पूछने पर कि गंजेपन किसके कारण होता है ? तो डॉक्टर भी कभी कभी एलोपेशिया एरियाटा का नाम ले लेते हैं।

टॉक्सिक एलोपेसिया

तेज बुखार या किसी गंभीर बीमारी के बाद टॉक्सिक एलोपेसिया हो सकता है। इसमें कुछ दवाएं विशेष रूप से थैलियम, विटामिन ए की अधिक खुराक, रेटिनोइड्स और कैंसर की दवाएं भी इस बीमारी का कारण हो सकती हैं। कई बिमारियों का इलाज जैसे कि थायरॉयड की बीमारी और बच्चे को जन्म देने के कारण भी टॉक्सिक एलोपेसिया को ट्रिगर कर सकता है। पर सामान्यतः इसमें बाल अस्थाई रूप से ही झड़ते हैं।

ट्रिकोटिलोमेनिया (बाल का खींचना)

बाल को अधिक तेजी से खींचने पर बाल झड़ सकते हैं। यह छोटे बच्चों में बहुत अधिक होता है।

स्कारिंग या सिकाट्रिकियल एलोपेसिया

यह जले हुए भाग में बालों को दुबारा बढ़ने से रोक सकती हैं। जलन, चोट या एक्स-रे थेरेपी के निशान भी पड़ सकते हैं। पर बालों के झड़ने का कारण कई बिमारियां हो सकती हैं। बालों का झडने का कारण ल्यूपस, बैक्टीरियल या फंगल स्किन संक्रमण, लाइकेन प्लेनस, सारकॉइडोसिस, टीबी या स्किन कैंसर शामिल होता हैं।

गंजेपन की पहचान कैसे की जाती है?

किसी व्यक्ति के हाल फिलहाल कराए गए इलाज़ और विभिन्न टेस्ट के के अलावा स्किन की एक बायोप्सी भी गंजेपन के विभिन्न प्रकार या इसके कारणों की पहचान करने में डॉक्टर की मदद कर सकती है। बायोप्सी में टिश्यू का एक छोटा सा हिस्सा निकाल लिया जाता है जिसको जांच लैब में की जाती है। अगर डॉक्टरको लगता है कि इंफेक्शन हो सकता है तो कल्चर टेस्ट भी किया जा सकता है।

गंजेपन का इलाज कैसे किया जाता है?

गंजेपन के सम्भावित इलाज के बारे में डॉक्टर आपके साथ चर्चा जरूर करेगा और साथ ही साथ ही आपके ऊपर ही यह निर्णय छोड़ देगा कि आपको कौन सा इलाज करवाना है। देखा जाए तो गंजेपन के अधिकांश बिमारियों का कोई इलाज नहीं है। बस कुछ ही तरह के गंजेपन का इलाज किया जा सकता है। इसके इलाज में शामिल हो सकता है –

  • बालों को बढ़ने के के लिए कुछ दवाएं (जैसे मिनोक्सिडिल और फाइनस्टेराइड)
  • हेयर ट्रांसप्लांट
  • स्किन लिफ्ट्स और ग्राफ्ट्स
  • हेयर रिप्लेसमेंट सर्जरी

बालों को ट्रांसप्लांट के लिए पिछले कई वर्षों से लोगों की रुचि बढ़ती जा रही है। वर्तमान में कई हेयर रिप्लेसमेंट तकनीक उपलब्ध हो चुकी हैं। पर कोई भी हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी पूरी तरह से गंजे लोगों की मदद नहीं कर सकती है। बालों को बदलने के लिए के सिर के पीछे और किनारों पर बालों का स्वस्थ होना बहुत अधिक जरूरी है। सिर के पीछे और किनारों के बाल डोनर के रूप में काम करेंगे जहां से ग्राफ्ट और फ्लैप लिए जा सकते हैं।

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